गांधीनगर में BJP को हराना मुश्किल क्यों? अटल-आडवाणी से लेकर अमित शाह की पहली पसंद है गुजरात की यह सीट

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गांधीनगर लोकसभा सीट

लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग 13 मार्च के बाद क‍िसी भी दिन लोकसभा चुनाव की तारीखों को ऐलान कर सकता है। 2024 के लोकसभा चुनाव 7-8 चरणों में हो सकते हैं। सभी सियासी पार्टियां चुनावी अभियान में जोर-शोर से जुटी हैं। इस बार के चुनावों में भी गुजरात की सीटों की अहम भूमिका होगी। ऐसे में हम यहां गुजरात की हाई प्रोफाइल गांधीनगर सीट की जानकारी दे रहे हैं। देश के गृहमंत्री अमित शाह का एक बार फिर गांधीनगर से चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। यह सीट भाजपाई दिग्गजों की पहली पसंद है। पिछले 35 सालों से पार्टी यहां से लगातार चुनाव जीत रही है।

गांधीनगर लोकसभा सीट में 7 विधानसभा सीटें हैं। इनमें उत्तर गांधीनगर, कलोल, सानंद, घाटलोदिया, वेजलपुर, नारनपुरा और साबरमती शामिल हैं। इन सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है।

कितने मतदाता हैं?

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि कहे जाने वाली गांधीनगर लोकसभा सीट का गठन 1969 में हुआ था। यह भाजपा का अभेद किला रही है। गांधीनगर लोकसभा सीट पर 19 लाख 45 हजार 149 मतदाता है इनमें से 9 लाख 41 हजार 434 पुरुष मतदाता हैं जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 10 लाख 4 हजार 291 हैं।

साल 2019 के चुनाव के नतीजे क्या थे?

2019 के लोकसभा चुनाव में गांधीनगर सीट पर अमित शाह रिकॉर्ड मतों से जीते थे। अमित शाह को 8 लाख 94 हजार 624 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े सीजे चावड़ा मात्र 3 लाख 37 हजार 610 वोट ही हासिल कर सके थे। इस तरह भाजपा ने यह सीट 5 लाख 57 हजार से ज्यादा वोटों से जीती थी।

अगर गांधीनगर सीट के चुनावी नतीजों के इतिहास पर नजर डालें तो इतने अधिक वोटों से आज तक कोई नहीं जीता । लेकिन साल 2019 के आम चुनाव में अमित शाह गांधीनगर सीट से पहले ऐसे नेता बने जिन्होंने वोटों में 8 लाख का आंकड़ा पार किया। इस दौरान पिछले चुनाव में भाजपा का कुल वोट प्रतिशत 69.67 फीसदी रहा।

साल 2014 के चुनाव के नतीजे क्या थे?

2014 के लोकसभा चुनाव में गुजरात की VIP सीट गांधीनगर से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के मार्ग दर्शक मंडल के सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी जीते थे। साल 2014 के चुनाव में उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस के कीर्ति ईश्वरभाई पटेल को 483, 121 मतों से हराया था, आडवाणी को 773,539 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 290,418 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। आडवाणी यहां से 1998 से लेकर 2014 तक हर चुनाव जीते। गांधीनगर सीट से 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।

जातीय समीकरण क्या है?

जातिगत समीकरण के मुताबिक गांधीनगर लोकसभा सीट पर वाघेला और पटेल बिरादरी का वर्चस्व है। दोनों को ही भाजपा का कोर वोटर माना जाता है।

गांधीनगर सीट से जुड़े रोचक तथ्य

गांधीनगर लोकसभा सीट के इतिहास पर एक नजर डालें तो कई रोचक तथ्य भी देखने को मिलते हैं। एक वक्त पर भाजपा के शीर्ष नेता रहे लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी दोनों ने यहां से चुनाव जीतकर लोकसभा में कदम रखा था। साल 1996 के आम चुनाव में अटल बिहारी वाजपेयी को भारी मतों से विजय प्राप्त हुई थी लेकिन उन्होंने एक साल में ही यह सीट खाली कर दी। इसे देखते हुए कांग्रेस ने एक बड़ा चुनावी एक्सपेरीमेंट किया। उप-चुनाव में कांग्रेस ने इस सीट से बॉलीवुड अभिनेता और सुपरस्टार रहे काका यानी राजेश खन्ना को उतार दिया। हालांकि, कांग्रेस का यह दांव नहीं चला और काका को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

साल 2019 में कब हुए थे चुनाव?

चुनाव आयोग ने 10 मार्च, 2019 को लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की थी। चुनाव आयोग द्वारा 7 चरणों में 2019 के चुनाव कराए जाने की घोषणा की गई थी। ये चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक चले थे। वोटों की गिनती 23 मई को हुई थी।

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